अमरनाथ यात्रा 27 से, उपग्रह से रखी जाएगी नजर

इस बार अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी उपग्रहों के जरिए की जाएगी। जैमर लगाने, सीसीटीवी कैमरे, बुलेटप्रूफ बंकर और खोजी कुत्तों की तैनाती रहेगी। गाड़ियों के लिए भी सुरक्षा खास इंतजाम होंगे। चप्पे-चप्पे पर सेना की नजर रहेगी। Continue reading “अमरनाथ यात्रा 27 से, उपग्रह से रखी जाएगी नजर”

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चंद्र ग्रहण 31 को, जानें क्या नहीं करें

खग्रास चंद्र ग्रहण 31 जनवरी को है। इस दिन कई ऐसे कार्य होते हैं, जिन्हें हमें नहीं करना चाहिए। इससे हानि होती है। चंद्र ग्रहण का समय शाम 5.17 से रात्रि 8.42 तक रहेगा। यह पूरे भारत में दिखेगा। जिन शहरों में शाम 5.17 के बाद चंद्रोदय है वहां चंद्रमा के उदय होने से ग्रहण समाप्ति तक पुण्यकाल है। Continue reading “चंद्र ग्रहण 31 को, जानें क्या नहीं करें”

मकर संक्रांति, चढ़ेगी खिचड़ी, होगा गंगा स्नान

पूरे देश में इस समय मकर संक्रांति मनाने को लेकर तैयारी चल रही है। लाइयों की दुकानें सज गई हैं। हिंदुओं के इस प्रमुख त्योहार को खिचड़ी भी कहते हैं। इस दिन खिचड़ी चढ़ाने और खाने का बड़ा ही महत्व है। गोरखनाथ मंदिर में तो गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाई जाती है। यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। एक माह तक मेला लगता है। इसके अलावा गुरु गोरखनाथ के जहां भी मंदिर हैं, वहां खिचड़ी चढ़ाकर उत्साह से यह त्योहार मनाया जाता है। Continue reading “मकर संक्रांति, चढ़ेगी खिचड़ी, होगा गंगा स्नान”

कल्पनाओं से परे शक्ति का कल्पवास

संगम नगरी इलाहाबाद एक महीने के कल्पवास में डूबा हुआ है। साधु-संतों के अलावा कल्पवासियों को मेला लगा है। कड़ाके की ठंड भी श्रद्धालुओं को डिगा नहीं पा रही है। एक महीने के कड़े तप को देखकर हर कोई आश्चर्य कर सकता है। ठंड में टेंट डालकर रहना। तड़के सुबह स्नान के बाद पूजा। शुद्ध-सात्विक भोजन अपने हाथ से बनाना और खाना। तीन समय स्नान हाड़ कंपा देने वाली ठंड में। वास्तव में किसी अदृश्य शक्ति के प्रभाव के बिना यह संभव नहीं है। तभी दुनिया के कई देशों के लोग सिर्फ कल्पवास देखने आते हैं। शोध करने आते हैं। सच में महान है हिंदू धर्म और उसकी पूजा पद्धति। Continue reading “कल्पनाओं से परे शक्ति का कल्पवास”

ये हैं भगवान राम के पूर्वज और वंशज

भगवान राम जिस कुल में जन्मे उसकी गाथा बहुत ही गौरवशाली रही है। उस कुल में एक से बढ़कर एक लोग पैदा हुए। उसमें राजा हरिश्चंद्र जैसे लोग भी रहे। भगवान राम को सूर्यवंशी कहा जाता है। वे महाराज दशरथ के पुत्र थे। भगवान राम के नाम से ही दीपावली, दशहरा इत्यादि त्योहार मनाए जाते हैं। भगवान राम के वंशज औेर उनके पूर्वज भी काफी ख्याति वाले रहे हैं। कहा जाता है कि ब्रह्माजी की 39वीं पीढ़ी में भगवाम श्रीराम का जन्म हुआ था। उन्हें भगवान विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है। Continue reading “ये हैं भगवान राम के पूर्वज और वंशज”

जलाओ दीये पर रहे ध्यान इतना

आज दीपावली है। खुशियों का त्योहार। आज हमें ऐसा दीप जलाना चाहिए, जो सभी को प्रकाश से आलोकित कर दे। दीपों के इस त्योहार पर गोपाल दास ‘नीरज’ की ये कविता हर किसी की जुबां पर एक बार जरूर आ जाती है। Continue reading “जलाओ दीये पर रहे ध्यान इतना”

जानें रावण कहां रखता था पुष्पक विमान

रामायण में कई ऐसे प्रसंग हैं, जिन हम सहज विश्वास नहीं कर सकते। बहुत से लोग तो पूरी रामायण को ही एक सच्ची घटना मानने से इंकार कर देते हैं। लेकिन एक के बाद एक जिस तरह से शोध में रामायण काल की वस्तुएं और जहां-जहां राम गए, उनसे जुड़े तथ्य मिल रहे हैं, इस पर विश्वास बढ़ता जा रहा है। राम ने लंका पर चढ़ाई के लिए जो सेतु बनाया था, वह एडम ब्रिज के नाम से आज भी है। उसकी खोज नासा वैज्ञानिकों ने की थी। अब कुछ वैज्ञानिकों ने यह खोज की है कि रावण अपने विमान कहां रखता था। यह भी पता चला है कि उसके पास पुष्पक के अलावा कई अन्य विमान थे। उन्हें उड़ाने के आज की ही तरह एयरपोर्ट तक की व्यवस्था थी। हालांकि अभी इस बारे में शोध जारी है। Continue reading “जानें रावण कहां रखता था पुष्पक विमान”