ऊंट की दुर्गति

किसी वन में मदोत्कट नामक शेर निवास करता था। बाघ, कौआ और सियार, ये तीन उसके नौकर थे। एक दिन उन्होंने एक ऐसे ऊंट को देखा जो अपने साथियों से भटककर उनकी ओर आ गया था। उसे देखकर शेर कहने लगा, अरे वाह! यह तो विचित्र जीव है। जाकर पता तो लगाओ कि यह वन्य प्राणी है अथवा ग्राम्य प्राणी। यह सुनकर कौआ बोला, स्वामी! यह ऊंट नाम का जीव ग्राम्य प्राणी है और आपका भोजन है। आप इसे मारकर खा जाइए।
शेर बोला, मैं अपने यहां आने वाले अतिथि को नहीं मारता। कहा गया है कि विश्वस्त और निर्भय होकर अपने घर आए शत्रु को भी नहीं मारना चाहिए। अतः उसको अभयदान देकर यहां मेरे पास ले आओ, जिससे मैं उसके यहां आने का कारण पूछ सकूं। Continue reading “ऊंट की दुर्गति”

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चांद पर खरगोश

गंगा के किनारे एक वन में एक खरगोश रहता था। उसके तीन मित्र थे बंदर, सियार और ऊदबिलाव। चारों ही मित्र दानवीर बनना चाहते थे। एक दिन बातचीत के क्रम में उन्होंने उपोसथ के दिन परम-दान का निर्णय लिया क्योंकि उस दिन के दान का संपूर्ण फल प्राप्त होता है। ऐसी बौद्धों की अवधारणा रही है। (उपोसथ बौद्धों के धार्मिक महोत्सव का दिन होता है) Continue reading “चांद पर खरगोश”

टिटिहरी का जोड़ा और समुद्र का अभिमान

समुद्रतट के एक भाग में एक टिटिहरी का जोड़ा रहता था। अंडे देने से पहले टिटिहरी ने अपने पति को किसी सुरक्षित प्रदेश की खोज करने के लिए कहा। इस पर टिटिहरे ने कहा, यहां सभी स्थान पर्याप्त सुरक्षित हैं, तू चिंता न कर। यहां आराम से अंडे दे। Continue reading “टिटिहरी का जोड़ा और समुद्र का अभिमान”

बोलने वाली गुफा

किसी जंगल में एक शेर रहता था। एक दिन पूरे जंगल में भटकने के बाद भी उसे कोई शिकार नहीं मिला। शेर भूख से व्याकुल हो रहा था। तभी उसकी निगाह एक गुफा पर पड़ी। उसने सोचा कि गुफा में कोई ना कोई जानवर जरूर होगा। उसे मारकर अपनी भूख शांत कर लूंगा। यही सोचकर उसने गुफा में झांका, लेकिन वह खाली मिली। उसमें रहने वाला पशु वहां से जा चुका था। Continue reading “बोलने वाली गुफा”

लड़ते बकरे और सियार

एक दिन एक सियार किसी गांव से गुजर रहा था। उसने गांव के बाजार के पास लोगों की एक भीड़ देखी। कौतूहलवश वह सियार भीड़ के पास यह देखने गया कि क्या हो रहा है। सियार ने वहां देखा कि दो बकरे आपस में लड़ाई कर रहे थे। दोनों ही बकरे काफी तगड़े थे इसलिए उनमे जबरदस्त लड़ाई हो रही थी। सभी लोग जोर-जोर से … Continue reading लड़ते बकरे और सियार

घमंडी शेर और नन्हा खरगोश

घने जंगल में एक नन्हा खरगोश भारी कदमों से चला जा रहा था। उस घने जंगल में दूर गुस्से में किसी शेर की दहाड़ सुनाई दे रही थी। उसकी दहाड़ इतनी भयावह थी कि जंगल में रहने वाले पशु पक्षी डरकर कांपने लगते थे। ऐसे में भी नन्हा खरगोश शेर की दहाड़ की दिशा में चला जा रहा था। जब भी गुस्सैल शेर की दहाड़ … Continue reading घमंडी शेर और नन्हा खरगोश

मूर्ख साधु और ठग मित्र

एक बार की बात है। किसी गांव के मंदिर में देव शर्मा नामक एक प्रतिष्ठित साधु रहता था। गांव में सभी उसका सम्मान करते थे। उसे अपने भक्तों से दान में तरह-तरह के वस्त्र, उपहार, खाद्य सामग्री और पैसे मिलते थे। उन वस्त्रों को बेचकर साधु ने काफी धन जमा कर लिया था। साधु कभी किसी पर विश्वास नहीं करता था और हमेशा अपने धन … Continue reading मूर्ख साधु और ठग मित्र