लड़ते बकरे और सियार

एक दिन एक सियार किसी गांव से गुजर रहा था। उसने गांव के बाजार के पास लोगों की एक भीड़ देखी। कौतूहलवश वह सियार भीड़ के पास यह देखने गया कि क्या हो रहा है। सियार ने वहां देखा कि दो बकरे आपस में लड़ाई कर रहे थे। दोनों ही बकरे काफी तगड़े थे इसलिए उनमे जबरदस्त लड़ाई हो रही थी। सभी लोग जोर-जोर से … Continue reading लड़ते बकरे और सियार

घमंडी शेर और नन्हा खरगोश

घने जंगल में एक नन्हा खरगोश भारी कदमों से चला जा रहा था। उस घने जंगल में दूर गुस्से में किसी शेर की दहाड़ सुनाई दे रही थी। उसकी दहाड़ इतनी भयावह थी कि जंगल में रहने वाले पशु पक्षी डरकर कांपने लगते थे। ऐसे में भी नन्हा खरगोश शेर की दहाड़ की दिशा में चला जा रहा था। जब भी गुस्सैल शेर की दहाड़ … Continue reading घमंडी शेर और नन्हा खरगोश

मूर्ख साधु और ठग मित्र

एक बार की बात है। किसी गांव के मंदिर में देव शर्मा नामक एक प्रतिष्ठित साधु रहता था। गांव में सभी उसका सम्मान करते थे। उसे अपने भक्तों से दान में तरह-तरह के वस्त्र, उपहार, खाद्य सामग्री और पैसे मिलते थे। उन वस्त्रों को बेचकर साधु ने काफी धन जमा कर लिया था। साधु कभी किसी पर विश्वास नहीं करता था और हमेशा अपने धन … Continue reading मूर्ख साधु और ठग मित्र

व्यापारी का पतन और उदय

वर्धमान नामक शहर में एक बहुत ही कुशल व्यापारी रहता था। राजा को उसकी क्षमताओं के बारे में पता था, इसलिए उन्होंने उसे राज्य का प्रशासक बना दिया। अपने कुशल तरीकों से उसने आम आदमी को भी खुश रखा था, और साथ ही दूसरी तरफ राजा को भी बहुत प्रभावित किया था। कुछ दिनों बाद व्यापारी ने अपनी लड़की का विवाह तय किया। इस उपलक्ष्य … Continue reading व्यापारी का पतन और उदय

सियार और ढोल

एक बार एक जंगल के निकट दो राजाओं के बीच घोर युद्ध हुआ। एक जीता दूसरा हारा। सेनाएं अपने नगरों को लौट गईं। बस, सेना का एक ढोल पीछे रह गया। उस ढोल को बजा-बजाकर सेना के साथ गए भांड व चारण रात को वीरता की कहानियां सुनाते थे। युद्ध के बाद एक दिन आंधी आई। आंधी के जोर में वह ढोल लुढ़कता हुआ एक … Continue reading सियार और ढोल

बंदर और लकड़ी का खूंटा

एक समय शहर से कुछ ही दूरी पर एक मंदिर का निर्माण किया जा रहा था। मंदिर में लकड़ी का काम बहुत था, इसलिए लकड़ी चीरने वाले बहुत से मजदूर काम पर लगे हुए थे। यहां-वहां लकड़ी के लट्ठे पडे़ हुए थे। लट्ठे व शहतीर चीरने का काम चल रहा था। सारे मजदूरों को दोपहर का भोजन करने के लिए शहर जाना पड़ता था, इसलिए … Continue reading बंदर और लकड़ी का खूंटा

जानें कब और किसने लिखीं पंचतंत्र की कहानियां

टीवी संस्कृ्ति के आगे हम उन प्राचीन कहानियों को भूलते जा रहे हैं, जो शिक्षा देने के साथ हमें नैतिक बनाने का काम करती थीं। उन कहानियों के माध्यम से ही हमें शिक्षा दी जाती थी। जीवन की बाधाओें से कैसे पार पाया जाए, उनकी सीख भी होती थी। हम उन्हीं कहानियों को आपके सामने लाने का प्रयास करना चाहते हैं। उन कहानियों में पंचतंत्र … Continue reading जानें कब और किसने लिखीं पंचतंत्र की कहानियां